Showing posts with label festival. Show all posts
Showing posts with label festival. Show all posts

Tuesday, 14 January 2025

श्रीमंगलचण्डिकाप्रपत्ती २०२५

 

 ।। हरि: ॐ ।। 

14-01-2025

श्रीमंगलचण्डिकाप्रपत्ती २०२५ 


सात उंच गिरीशिखरे भिडली आकाशाला
सप्तशृंग क्षेत्र हे नेई महान पातक-नाशाला
शिवालयी तांबूलतीर्थी रुप तुझे प्रतिबिंब (आहे)
अशा या गिरिकंदरीं भेटसी तू भक्तांना


* श्रीमंगलचण्डिकाप्रपत्तीचे महत्त्व स्पष्ट करणारा हा व्हिडियो आपण येथे पाहू शकता -


 

 

 

 

Monday, 20 July 2020

Thursday, 16 January 2020

Tuesday, 29 October 2019

Sunday, 27 October 2019

कथा अभीष्टा- २४ - नरकचतुर्दशीला चिराटे /कारीट पायाखाली का चिरडतात? (मराठी)

हरि: ॐ

27-10-2019
नरकचतुर्दशी

कथा-अभीष्टा २४

नरकचतुर्दशीला चिराटे /कारीट पायाखाली का चिरडतात? 
 
 



Monday, 2 September 2019

Sunday, 9 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०४ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. ३ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

09-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०४

  द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. ३

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|






Saturday, 8 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०३ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. २ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

08-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०३ 

द टर्मिनल  (२००४)  



लेख क्र. २

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|







 

Thursday, 6 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०२ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. १ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

06-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०२ 

द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. १

द टर्मिनल  (२००४) यह हॉलिवुड की फिल्म देखने के बाद ऐसा विचार मन में आता है कि 
यह दुनिया एक टर्मिनल ही तो है, सबको सफर तो करना ही पड़ता है, 
कौन है जो टर्मिनल पर सदा के लिए रहता है, 
फिर इस सफर में क्यों न व्हिक्टर की तरह मीठीं यादे छोड़कर आगे बढ़ा जाये, 
हर मुश्किल को अवसर समझकर आगे बढ़ा जाये, 
सब से बढ़कर रहने वाली दिल की भाषा समझकर सबके साथ प्रेम का रिश्ता मज़बूत कर लिया जाये 
और 
जो हमसे प्यार करते हैं उनके सपनों को सच करने का निश्चय कर लिया जाये!

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और 
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|

 





 

Friday, 29 September 2017