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Monday, 1 February 2021

Sunday, 9 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०४ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. ३ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

09-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०४

  द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. ३

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|






Saturday, 8 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०३ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. २ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

08-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०३ 

द टर्मिनल  (२००४)  



लेख क्र. २

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|







 

Thursday, 6 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०२ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. १ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

06-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०२ 

द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. १

द टर्मिनल  (२००४) यह हॉलिवुड की फिल्म देखने के बाद ऐसा विचार मन में आता है कि 
यह दुनिया एक टर्मिनल ही तो है, सबको सफर तो करना ही पड़ता है, 
कौन है जो टर्मिनल पर सदा के लिए रहता है, 
फिर इस सफर में क्यों न व्हिक्टर की तरह मीठीं यादे छोड़कर आगे बढ़ा जाये, 
हर मुश्किल को अवसर समझकर आगे बढ़ा जाये, 
सब से बढ़कर रहने वाली दिल की भाषा समझकर सबके साथ प्रेम का रिश्ता मज़बूत कर लिया जाये 
और 
जो हमसे प्यार करते हैं उनके सपनों को सच करने का निश्चय कर लिया जाये!

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और 
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|

 





 

Saturday, 7 April 2018

बॉक्स ऑफिस -०१ - संत तुकाराम फिल्म (१९३६) (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

07-04-2018

बॉक्स ऑफिस -०१ 

संत तुकाराम फिल्म (१९३६) 


(संत तुकाराम फिल्म (१९३६)  यह मेरी एक बहुत ही पसंदीदा फिल्म है। इसे मैंने बहुत बार देखा है। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध के लेखन-भाषण आदि में जगद्गुरु सन्तश्रेष्ठ तुकाराम महाराज की भक्तिमहिमा का उल्लेख बहुत बार आता है। सद्गुरु श्री अनिरुद्ध के साथ पंढरपुर भावयात्रा के समय हम सब श्रद्धावानों ने यह फिल्म देखी थी, वे पल हम सबके जीवन के यादगार पल बन गये हैं। भगवान श्री विठ्ठल के चरणों में यही प्रार्थना है जगद्गुरु सन्तश्रेष्ठ तुकाराम महाराज की भगवद्‍भक्ति का एक कण हमें प्रसाद के रूप में प्रदान करें, जिससे कि हमारा जीवन धन्य धन्य हो जाये। अंबज्ञ । नाथसंविध् । )