Showing posts with label film. Show all posts
Showing posts with label film. Show all posts

Tuesday, 25 June 2024

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ४७ - हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़साने बयाँ होंगे ...

।। हरि: ॐ।।

25- 06- 2024

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ४७

हमारे बाद अब महफ़िल में अफ़साने बयाँ होंगे ...  

 





 

 

Saturday, 18 February 2023

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ४६ - लता मंगेशकर ‘अक्षरसप्तक’

 ।। हरि: ॐ।।

18- 02- 2023

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ४६

लता मंगेशकर ‘अक्षरसप्तक’  











Monday, 1 February 2021

Monday, 9 November 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ४२ - लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल - वो जब याद आए - भाग २

।। हरि: ॐ।।

09- 11- 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ४२

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल - वो जब याद आए 

भाग २


PC- https://www.musicplus.in/interview-of-the-week-pyarelal-sharma/  









https://www.musicplus.in/interview-of-the-week-pyarelal-sharma/
http://www.pictureplusonline.com/2018/03/blog-post_18.html   https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/viplavvimarsh/making-of-superhit-song-wo-jab-yaad-aay/  







गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ४१ - लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल - वो जब याद आए - भाग १

 ।। हरि: ॐ।।

09- 11- 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ४१

लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल - वो जब याद आए 

भाग १ 


PC- https://www.musicplus.in/interview-of-the-week-pyarelal-sharma/  




https://www.musicplus.in/interview-of-the-week-pyarelal-sharma/
http://www.pictureplusonline.com/2018/03/blog-post_18.html   https://readerblogs.navbharattimes.indiatimes.com/viplavvimarsh/making-of-superhit-song-wo-jab-yaad-aay/  






Friday, 6 November 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ४० - शंकर जयकिशन की धुनों की बरसात

  ।। हरि: ॐ।।

06- 11- 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ४०

शंकर जयकिशन की धुनों की बरसात     






 

 

 

 

 

 

हिन्दी मेरी मातृभाषा न होने के कारण यदि मुझसे कोई गलती हुई हो तो क्षमा चाहता हूँ।

Monday, 12 October 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ... ३८ - हृषीकेश मुखर्जी, शिस्तप्रिय शिक्षक

 ।। हरि: ॐ।।

12- 10- 2020

गीत किस्से कहानियाँ यादें ... शहद की बूँदें ...  ३८

हृषीकेश मुखर्जी, शिस्तप्रिय शिक्षक      

हिन्दी मेरी मातृभाषा न होने के कारण यदि मुझसे कोई गलती हुई हो तो क्षमा चाहता हूँ। 











 

Monday, 24 August 2020

कहानी नई पुरानी - ०१ - मैंने तुम्हारा नमक खाया है केदार......... (काल्पनिक कहानी)

।। हरि: ॐ ।। 

24-08-2020

कहानी नई पुरानी - ०१
मैंने तुम्हारा नमक खाया है केदार......... (काल्पनिक कहानी)


 
 
यह कहानी मैंं अपने कैलासवासी दोस्त डाॅॅ. भरत राठोड की स्मृति को समर्पित करता हूँँ।

Sunday, 9 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०४ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. ३ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

09-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०४

  द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. ३

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|






Saturday, 8 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०३ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. २ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

08-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०३ 

द टर्मिनल  (२००४)  



लेख क्र. २

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|







 

Thursday, 6 June 2019

बॉक्स ऑफिस - ०२ द टर्मिनल (२००४) - लेख क्र. १ (Post in Hindi)

।। हरि: ॐ ।। 

06-06-2019

बॉक्स ऑफिस -०२ 

द टर्मिनल  (२००४) 


 

लेख क्र. १

द टर्मिनल  (२००४) यह हॉलिवुड की फिल्म देखने के बाद ऐसा विचार मन में आता है कि 
यह दुनिया एक टर्मिनल ही तो है, सबको सफर तो करना ही पड़ता है, 
कौन है जो टर्मिनल पर सदा के लिए रहता है, 
फिर इस सफर में क्यों न व्हिक्टर की तरह मीठीं यादे छोड़कर आगे बढ़ा जाये, 
हर मुश्किल को अवसर समझकर आगे बढ़ा जाये, 
सब से बढ़कर रहने वाली दिल की भाषा समझकर सबके साथ प्रेम का रिश्ता मज़बूत कर लिया जाये 
और 
जो हमसे प्यार करते हैं उनके सपनों को सच करने का निश्चय कर लिया जाये!

आदमी मुसाफिर है, आता है जाता है, आते जाते रस्ते पर यादें छोड़ जाता है|

यह फिल्म हमारे दिल के टर्मिनल में सदा के लिए बस जाती है और 
मीठीं यादें छोड़कर इस दुनिया रूपी टर्मिनल को छोड़ने की राह दिखाती है, 
प्रेम की गरिमा, प्रेम की अतुलनीय ताकत महसूस कराती है|