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Tuesday, 2 December 2025

माँ नहीं रही, अनाथ हो गया.....

 ॥ हरि: ॐ ॥   
 

02-12-2025


माँ नहीं रही, अनाथ हो गया.....  

 

 

मेरे एक मित्र की माँ का देहान्त हो गया। उसका दुख देखकर मेरा हृदय भी व्यथित हो गया और वह व्यथा इन शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त हुई। मेरी माँ तो जीवित है, आदिमाता जगदंबा मेरी माँ को निरामय दीर्घायु प्रदान करें, यह आदिमाता के चरणों प्रार्थना। मित्र को हो रहे माँ के विरह के कारण मेरा मन तड़प उठा और आँसुओं के साथ ये शब्द अपने आप आ गये। हिन्दी मेरी मातृभाषा नहीं है, परन्तु प्रिय भाषा है; मुझसे लिखने में कोई गलती हुई हो तो क्षमा चाहता हूँ। अंबज्ञ। नाथसंविध् ।
 



Wednesday, 28 April 2021

Thursday, 18 March 2021

दोस्त, यूँ अधूरा छोड़ कर तू अचानक चला जायेगा (Hindi) 

   ।। हरि: ॐ ।। 

18-03-2021

दोस्त, यूँ अधूरा छोड़ कर तू अचानक चला जायेगा 

For my friend who left this world on 16th March 2021


Thursday, 20 August 2020

जवळ तोच आहे  (Marathi)

 ।। हरि: ॐ ।। 

गुरुवार
20-08-2020

जवळ तोच आहे