‘अंबज्ञोऽस्मि’ ‘नाथसंविध्’ ‘अंबज्ञोऽस्मि’ का अर्थ है-मैं अंबज्ञ हूँ। अंबज्ञता का अर्थ है-आदिमाता के प्रति श्रद्धावान के मन में होनेवाली और कभी भी न ढल सकनेवाली असीम सप्रेम कृतज्ञता। (संदर्भ–मातृवात्सल्य उपनिषद्) नाथसंविध् अर्थात् निरंजननाथ, सगुणनाथ और सकलनाथ इन तीन नाथों की इच्छा, प्रेम, करुणा, क्षमा और सामर्थ्य सहायता इन पंचविशेषों के द्वारा बनायी गयी संपूर्ण जीवन की रूपरेखा। (संदर्भ–तुलसीपत्र १४२९)
Sunday, 5 April 2020
अध्यात्म आणि विज्ञान - ०४ - अध्यात्म आणि विज्ञान यांतील अन्योन्यता - कार्ल सेगन (Post in Marathi) Spirituality and Science
Labels:
1,
Adhyatma,
astronomy,
book,
carl segan,
click,
cosmos,
earth,
kepler,
pale blue dot,
philosophy,
photo,
quote,
scientist,
solar system,
space. Spirituality and Science,
voyager
Thursday, 2 April 2020
Wednesday, 1 April 2020
Subscribe to:
Posts (Atom)







