‘अंबज्ञोऽस्मि’ ‘नाथसंविध्’ ‘अंबज्ञोऽस्मि’ का अर्थ है-मैं अंबज्ञ हूँ। अंबज्ञता का अर्थ है-आदिमाता के प्रति श्रद्धावान के मन में होनेवाली और कभी भी न ढल सकनेवाली असीम सप्रेम कृतज्ञता। (संदर्भ–मातृवात्सल्य उपनिषद्) नाथसंविध् अर्थात् निरंजननाथ, सगुणनाथ और सकलनाथ इन तीन नाथों की इच्छा, प्रेम, करुणा, क्षमा और सामर्थ्य सहायता इन पंचविशेषों के द्वारा बनायी गयी संपूर्ण जीवन की रूपरेखा। (संदर्भ–तुलसीपत्र १४२९)
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Saturday, 31 August 2019
Sunday, 14 July 2019
ग्रहण (Hindi)
।। हरि: ॐ ।।
14-07-2019
ग्रहण
अनेक श्रद्धावान मित्रों के द्वारा ग्रहणकाल, प्रपत्ति और ग्रहणकालीन चर्या के बारे में प्रश्न पूछे जा रहे थे। मराठी में इससे संबंधित जो जानकारी समीरदादा के ब्लॉग आदि स्रोतों पर उपलब्ध थी, उसकी सहायता से यह हिन्दी संकलन किया गया है, जिसमें संबंधित मराठी जानकारी के लिंक्स भी दिये गये हैं। आशा करता हूं कि मेरे श्रद्धावान मित्रों तक उचित जानकारी पहुंचाने का मेरा यह प्रयास सद्गुरुकृपा से सफल होगा।
Wednesday, 9 May 2018
मत्स्य आणि कूर्म (Algorithm)
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Sunday, 15 February 2015
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